13.12.12

वो अंधी और खून सी लाल है......

 गुरुवार, 13 दिसंबर, 2012 को 18:21 IST तक के समाचार

ब्लाइंड कैट फिश
ये मछली की नई प्रजाति है जो खून सी लाल रंग की है
दक्षिण भारतीय वैज्ञानिकों ने एक नई प्रजाति के जीव का पता लगाया है. इस जीव को ब्लाइंड कैट फिश का नाम दिया गया है.
ब्लाइंड कैट फिश दलदली ज़मीन पर पायी जाने वाली एक मछली है. दक्षिण भारतीय राज्य केरल के थ्रिसूर जिले के इरिनजलाकूडा इलाके के एक गहरे कुंए में इसका पता चला है.
इस जीव का पता लगाने वाले वैज्ञानिकों ने बीबीसी को बताया है कि रक्तनुमा रंग वाली इस मछली की लंबाई 3.78 सेंटीमीटर है. इसका शरीर लंबा और बेलनाकार है.
कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नॉलॉजी के समुद्री विज्ञान विभाग के प्रोफेसर बिजॉय नंदन ने कहा, '' हमने अभी इस जीव की शारीरिक बनावट के बारे में जानकारी हासिल की है. अब हम इसके आण्विक गुणों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि इसके पूर्वजों और इस जीव के विकास के बारे में हम कोई संबंध जोड़ सकें.''

खास प्रजाति

इस ख़ास प्रजाति वाली मछली को ढूंढने में बिजॉय के सहयोगी रहे डॉ. सुभाष बाबू भी केरला से ही हैं. वे इन दिनों इथोपिया के यूनिवर्सिटी ऑफ़ जिम्मा में काम कर रहे हैं.
दरअसल भारतीय वातावरण और इको सिस्टम में ब्लाइंट कैट फिश का पाया जाना लगभग दुर्लभ ही है क्योंकि यह भूमिगत प्रजाति का जीव है जो गहरे कुंए में पाया जाता है.
केरल अपने दलदली ज़मीन के लिए ख़ासा मशहूर है. वैज्ञानिकों के मुताबिक भारत के दक्षिण पश्चिम समुद्रीतट का दलदलीय इलाका और उसके चलते यहां की पर्यावरणीय अनुकूलता भूमिगत जीवों की मौजूदगी के लिए आदर्श स्थिति है.
बिजॉय नंदन ने कहा, ''ब्लाइंड कैट फ़िश की रिकॉर्डिंग से काफी दिलचस्प विवरण मिल सकता है जो मछलियों के वर्गीकरण के अलावा इन जीवों के विकास के बारे में जानकारी देगा. दूसरे देशों में पायी जाने वाली इन मछलियों से इसका क्या संबंध हो सकता है, यह भी पता चल पाएगा.''

अंधी मछली

ब्लाइंड कैट फिश
ब्लाइंड कैट फिश की जीन के बारे में अभी जानकारियां जुटाई जा रही हैं
जीव विज्ञानी कहते है कि जब कुएं या सुरंग की खुदाई होती है तो ये प्रजाति उनके गहरे छेदों में जगह बना लेती है. वे बताते है कि गहरे समुद्री कुएं, गर्म पानी के झरने इनके विकास की प्रकिया पर जानकारी देने में सहायता करते हैं.
इस नई प्रजाति ब्लाइंड कैट फिश का नाम पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के नाम पर होरेगलेनिस अब्दुलकलामी रखा गया है. इसका ये नाम उनके विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान और युवाओं को शोध और विज्ञान को करियर के तौर पर चुनाव करने के लिए प्रोत्साहित करने लिए दिया गया है.
इस मछली का एक अलग चरित्र ये है कि इसका रंग खून की तरह लाल है और इसकी आंखे नहीं हैं.
ये प्रजाति मिट्टी में मिलने वाले जैविक पदार्थ पर जीवनयापन करती है. साथ ही ये न केवल संरक्षक होती है बल्कि पर्यावरण में भी महत्वपूर्ण योगदान करती है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी इस नई प्रजाति, ब्लाइंड कैटफिश के जीन के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन इस बारे में काम हो रहा है ताकि इसके विकास के बारे में जाना जा सके.

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