24.2.13

लंबी उम्र का राज़ 'शराब'..

 रविवार, 24 फ़रवरी, 2013 को 05:08 IST तक के समाचार

स्टेमेटिस मोराइटिस को 45 साल पहले डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें कैंसर है और नौ महीने से ज्यादा जीवित नहीं रह सकते. इसके बाद वो इकेरिया आ गए और आज 98 साल के हैं.
बकरी का दूध और उसमें थोड़ी सी जंगली पत्तियां उबाल कर पीना स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन ज़रूर होगा लेकिन क्या शराब भी शरीर पर ऐसा असर डाल सकती है?
शायद नहीं, पर अमरीका छोड़कर ग्रीस के इकेरिया द्वीप में बसे 98 वर्षीय स्टेमेटिस मोराइटिस के लिए तो उनकी लंबी उम्र का राज़ ‘शराब’ है जिसे वो खुद बनाते हैं.
45 साल पहले जब मोराइटिस यहां आए, उन्हें कैंसर था, फिर उन्होंने शराब बनाना और पीना शुरू किया. धीरे-धीरे ठीक हो गए और अब आराम से ज़िन्दगी गुज़ार रहे हैं.
इकेरिया द्वीप जिसे ‘दीर्घायु द्वीप’ भी कहते हैं ऐसे किस्सों से भरा पड़ा है. दरअसल इस द्वीप की आबोहवा को ही लंबी आयु का राज़ बताया जाता है.
इसपर मौजूद ग्रेनाइट पर्वत मालाएं एक किस्म का रेडिएशन छोड़ती हैं जो सेहत के लिए अच्छी मानी जाती है.
एथेंस विश्वविद्यालय की तरफ से किए गए एक शोध में पता चला है कि 8,000 की आबादी वाले इस द्वीप पर औसत लोगों की उम्र 65 साल से अधिक हैं.
यहां के लोग दूसरे यूरोपीय लोगों के मुकाबले 10 साल अधिक जीवित रहते हैं और स्वस्थ रहते हैं. हर दस में से छह लोग 90 साल के हैं और शारीरिक तौर पर काफी मज़बूत.

'शराब ने ज़िंदा रखा'

ग्रीस का इकेरिया द्वीप लंबी उम्र के लिए 'ब्लू ज़ोन' की श्रेणी में आता है.
स्टेमेटिस मोराइटिस कहते हैं, “मैंने अमरीका में नौकरी की, घर बसाया, उस देश को काफी पसंद करता हूं लेकिन एक दिन मुझे डॉक्टरों ने बताया कि मुझे सांस में दिक्कत है, मुझे कैंसर है और मैं नौ महीने ही जिंदा रह सकता हूं.”
वो कहते हैं “उस समय वहां अंतिम संस्कार काफी महंगा था तो मैंने अपनी पत्नी से कहा कि मैं अपने जीवन की अंतिम सांसे इकेरिया द्वीप पर लूंगा और वहीं अपने माता पिता के साथ दफ़न हो जाऊंगा.”
45 साल पहले मोराइटिस इकेरिया द्वीप आए, अपने एक मित्र को ढूंढा और फिर रोज़ शराब बनाने और पीने का काम शुरू हो गया.
स्टेमेटिस मोराइटिस कहते हैं, ''कुछ साल पहले मेरा अमरीका जाना हुआ. वहां जाकर उन्होंने उन डॉक्टरों की पड़ताल भी की, लेकिन उनमें से कोई डॉक्टर मिले नहीं, सब की मौत हो चुकी थी.''

दीर्घायु द्वीप

इकेरिया द्वीप को उसके प्राकृतिक गर्म वसंत के लिए ‘हेल्थ डेस्टिनेशन’ भी कहा जाता है.
खान पान में साग-सब्जी और जड़ी बूटियों का करते हैं इस्तेमाल.
'नेशनल ज्योग्राफिक' चैनल और लेखक डैन बुएटनर ने इकेरिया को ‘ब्लू जोन’ की श्रेणी में रखा है जहां लोगों को लंबी आयु मिलती है.
वैसे जापान का ओकिनावा, इटली का सर्दिनिआ और कैलिफोर्निया के लोमा लिंडा द्वीप की गिनती भी इसी श्रेणी में होती है.
इकेरिया वासियों के दीर्घायु होने की कई वजहों में उनका खान-पान भी है. ये लोग मांस के मुकाबले मछली और साग सब्जियां खाने के शौकीन होते हैं.
मसाले और दवाई के नाम पर जंगली झाड़ियों, पत्तियों और लकड़ियों का इस्तेमाल करते हैं और खाना बनाने के लिए जैतून के तेल का इस्तेमाल किया जाता है.
चाय के लिए यहां के बुजुर्ग जड़ी बूटियों का इस्तेमाल करते हैं जिसमें पुदीना, तेजपत्ता, अजवाइन और शहद का इस्तेमाल किया जाता है.
यहां धूम्रपान की दर काफी कम है साथ ही लोगों का सामाजिक जीवन बेहद समृद्ध है.

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