21.7.12


बड़ा गुणकारी है घर-आंगन की तुलसी


जुकाम, हरारत, फ्लू व मौसमी बुखार में तुलसी, काली मिर्च व मिश्री मिलाकर पानी में पकाकर, अथवा तीनों को पीसकर गोलियाँ बना दिन में तीन-चार बार लेने से लाभ होता है।
खाँसी में तुलसी की पत्तियों व अदरक को पीसकर शहद के साथ चाटने से लाभ पहुँचता है।
दस्त लगने पर तुलसी के 10 पत्तों को एक माशा जीरे में पीसकर दिन में 3-4 बार चाटने से दस्त बंद हो जाते हैं।
मुख की दुर्गंध दूर करने के लिए दिन में दो बार तुलसी के 4-5 पत्ते चबाएँ।
घाव शीघ्र ठीक करने के लिए तुलसी पत्र व फिटकरी खूब बारीक पीसकर घाव पर छिड़कें।
जलने पर तुलसी का रस व नारियल तेल फेंटकर लगाने से जलन दूर होगी, जख्‍म भी ठीक होंगे व जख्म का निशान भी धूमिल हो जाता है। 
चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए तथा झाँई व मुहाँसे के दाग मिटाने के लिए तुलसी के पत्तों को पीसकर उबटन करें।
बुद्धि व स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए प्रतिदिन तुलसी के पाँच-सात पत्ते जल के साथ निगलें।
मूत्रदाह की शिकायत में तुलसी के पत्तों का दो तोला रस पावभर दूध व डेढ़ पाव पानी में पिलाकर पी जाएँ।
गठिया दूर करने के लिए तुलसी की जड़, पत्ते, डंठल, मंजरी और बीज बराबर मात्रा में लेकर कूट, छानकर पुराने गुड़ के साथ मिला लें और बकरी के दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करें।
त्वचा संबंधी रोगों के लिए तुलसी के पत्तों के साथ पकाया हुआ तिल्ली का तेल लगाएँ।
इसके साथ ही कीड़े-मकौड़े काटने पर, गर्मी में लू लगने पर तथा रक्त शुद्धि के लिए भी तुलसी उपयोगी है।

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